Sorry Shayari in Hindi

Sorry Shayari in Hindi

Sorry Shayari in Hindi
Sorry Shayari in Hindi

Sorry Shayari in Hindi

हम रूठे भी तो किसके भरोसे रूठें, कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए, हो सकता है तरस आ भी जाये आपको, पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये।

सॉरी कहने का मतलब है, कि आपके लिए दिल में प्यार है, अब जल्दी से हमे माफ़ कर दो ऐ सनम, सुना है आप बहुत समझदार हैं।

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी, तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी, क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर, जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी।

खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो, दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो, देर हो गयी याद करने में जरूर, लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो, सॉरी डार्लिंग.

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी, तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी, क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर, जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी।

पलभर में टूट जाये वो कसम नहीं, तुम्हे भूल जाये वो हम नहीं, तुम रूठी रहो इस बात में दम नहीं, तुम मनाने से न मनो इतने बुरे हम भी नहीं, i am sorry DEAR

देखा है आज मुझे भी गुस्से की नज़र से, मालूम नहीं आज वो किस-किस से लड़े है| न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता, जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता|

आज एक वादा करते हैं तुमसे, मेरे लिए अब कोई नहीं ज्यादा है तुमसे, माफ़ कर दो जो रुसवा किया तुमको, गलती हमारी थी जो खुद से जुड़ा किया तुमको, i am sorry dear.

बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से, हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से, तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले, कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।

माफ़ कर दो उनको जिनको तुम भूल नहीं सकते.., भूल जाओ उनको जिनको तुम माफ़ नहीं कर सकते

हमसे कोई खता हो जाये तो माफ़ करना, हम याद न कर पाएं तो माफ़ करना, दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं, पर ये दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना

नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे, अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे, कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते, गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते।

बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से, हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से, तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले, कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।

कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हमसे, मिलना पड़ेगा कभी न कभी जरुर हमसे, नजरें चुराने वाले ये बेरुखी है कैसी, कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे।

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी.

किसी के दिल में बसना कुछ बुरा तो नहीं, किसी को दिल में बसाना कोई खता तो नहीं, गुनाह हो यह ज़माने की नज़र में तो क्या, ज़माने वाले कोई खुदा तो नहीं.

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी, तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी, क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर, जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी.

Duniya Ko Haqiqt Meri Pata Kuch Bhi Nahi, Ilzam Hzaro Hai Aurr Khata Kuch Bhi Nahi, DiL Me Kya Hai Ye Padh Na Skoge, Sare Panne Bikhre Hue Hai, aur Likha Kuch Bhi Nahi!

खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो, दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो, देर हो गयी याद करने में जरूर, लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।

एक ज़रा सी भूल खता बन गयी, मेरी वफ़ा ही मेरी सजा बन गयी, दिल लिया और खेल कर तोड़ दिया उसने,हमारी जान गयी और उनकी अदा बन गयी.

See Also :

Leave a Comment